स्वास्थ्य

पूरे विश्व में कई स्थानों पर किशोरियों को कभी भी स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी अथवा सेवाएँ प्राप्त नहीं होती। प्राय: लड़कियां डॉक्टर की सेवाएँ नहीं ले पातीं अथवा स्वास्थ्य देखभाल के लिए उन्हें क्लिनिक जाने हेतु लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।

तथ्य

  • पूरे विश्व में आज की तारीख में जीवित महिलाओं में से 700 मिलियन से अधिक महिलाओं का विवाह उनके 18वें जन्मदिन से पहले हो गया था। आज की तारीख में जीवित महिलाओं में से 3 में से 1 से अधिक – अथवा लगभग 250 मिलियन – महिलाओं का विवाह 15 वर्ष की आयु से पहले हो गया था।
  • उप-सहारा अफ्रीका में 15-24 वर्ष के बीच की आयु की लड़कियों तथा युवा महिलाओं के HIV से ग्रस्त होने की संभावना पुरुषों की तुलना में दुगुनी है, और फिर भी इस क्षेत्र में केवल 28% लड़कियों और युवा महिलाओं को स्वयं को HIV से बचाने के बारे में जानकारी है।
  • 15-19 वर्ष के बीच की आयु की लड़कियों में मातृ मृत्यु मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है। प्रत्येक वर्ष 15 से 19 वर्ष की आयु की लगभग 14 मिलियन किशोरियाँ बच्चे को जन्म देती हैं।
  • लड़कियों के पेयजल लाने के लिए दूरस्थ स्थानों तक जाने की संभावना लड़कों की तुलना में दुगुनी है। वैश्विक रूप से लड़कियां और महिलाएं पानी एकत्रित करने के लिए प्रति दिन लगभग 200 मिलियन घंटों का समय देती हैं।

Girl Up और संयुक्त राष्ट्र

Girl Up यह सुनिश्चित करते हुए किशोरियों के स्वास्थ्य में सुधार के लिए संयुक्त राष्ट्र के साथ काम करता है कि उन्हें उन स्वास्थ्य संबंधी जानकारी तथा सेवाओं तक पहुँच मिले जो उनके लिए बनाई गई हैं। इसमें पोषण, HIV की रोकथाम के बारे में जानकारी, और यौन तथा प्रजनन स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी देना शामिल है। उचित पोषण तथा स्वच्छ जल यह सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं कि किशोरियाँ स्वस्थ रहें और उन्हें इस बात की जानकारी हो कि उनके शरीर को क्या चाहिए। नियमित जांच और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का एक लड़की के जीवन पर बहुत बड़ा प्रभाव पड़ सकता है और ये उसके बच्चों के कल्याण को भी प्रभावित कर सकते हैं। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी तक पहुँच लड़कियों को आगे बढ़ने में सहायक होती है।

गुआटेमाला

Girl Up उन प्रमाणित, प्रभावपूर्ण UN कार्यक्रमों के विस्तार में सहयोग कर रहा है जो ग्वाटेमाला में ग्रामीण, स्थानीय किशोरियों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी तथा सेवाओं तक पहुँच उपलब्ध कराते हैं। यह विशेष रूप से इस बात को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण है कि ग्वाटेमाला में 20-24 वर्ष की आयु की लगभग आधी युवा महिलाएं 20 वर्ष की आयु तक माँ बन जाती हैं और उनकी आयु के 30 के दशक के शुरुआती समय तक बहुत-सी महिलाएं सात अथवा आठ बच्चों को जन्म दे चुकी होती हैं। स्वास्थ्य संबंधी जानकारी न केवल महिलाओं और लड़कियों के लिए सहायक होती है बल्कि उनके बच्चों के लिए भी सहायक होती है। इस कार्यक्रम में अग्रणी किशोरियों को साथी स्वास्थ्य शिक्षक बनने के लिए प्रशिक्षण देना शामिल है ताकि वे अन्य लड़कियों को स्वास्थ्य तथा पोषण के बारे में, और घरेलू हिंसा की रोकथाम, किशोरावस्था में गर्भवती होने, HIV और यौन रोगों के संबंध में जानकारी दे सकें। इसके अतिरिक्त इस कार्यक्रम में स्वास्थ्यकर्मियों को इस संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा कि किस प्रकार किशोरियों को संस्कृति के अनुरूप तथा व्यापक स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जाए।

मलावी

मलावी HIV के मामलों की सर्वोच्च दर वाले देशों में से एक है और यहाँ लड़कियों के HIV संक्रमित होने की संभावना लड़कों की तुलना में चार गुना अधिक है। इसके अतिरिक्त मलावी में लड़कियां बाल विवाह तथा किशोरावस्था में गर्भवती होने की उच्च दर का सामना करती हैं। Girl Up मलावी में लड़कियों की यौन तथा प्रजनन स्वास्थ्य तथा HIV रोकथाम सहित स्वास्थ्य जानकारी तथा सेवाओं तक पहुँच बढ़ाने के लिए UN के कार्य में सहयोग कर रहा है। मलावी में एक चौथाई से भी कम लड़कियां प्राथमिक विद्यालय की शिक्षा पूरी करती हैं जिसका अर्थ है विद्यालयों में दी जाने वाली स्वास्थ्य संबंधी जानकारी केवल कुछ प्रतिशत किशोरियों तक पहुँचती है। इसलिए UN स्वास्थ्य शिक्षा कार्यक्रमों को जीवन कौशल शिक्षा केन्द्रों और युवाओं के अनुकूल स्वास्थ्य क्लिनिकों के माध्यम से सहयोग किया जाता है। 

इथोपिया

इथियोपिया, एक देश जहां लगभग आधी लड़कियां 15 वर्ष की आयु तक विवाहित हो जाती हैं, में Girl Up ने अम्हारा क्षेत्र में बरहान हेवन कार्यक्रम के माध्यम से बाल विवाह को टालने और 11,000 से अधिक लड़कियों के लिए बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने में सहयोग किया। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाली लड़कियों के 18 वर्ष की आयु की होने से पहले विवाहित होने की संभावना कम है, और उनके विद्यालय में रहने तथा यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य के संबंध में शिक्षित होने की संभावना अधिक है। Girl Up ने पूर्वी इथियोपिया में शरणार्थी कैंपों में रहने वाली सोमाली शरणार्थी लड़कियों के लिए एक UNHCR कार्यक्रम में सहयोग करके इथियोपिया में सर्वाधिक हाशिये पर स्थित कुछ लड़कियों के लिए सहयोग बढ़ाया है। UNHCR लड़कियों के शिक्षण के वातावरण को सुरक्षित तथा स्वस्थ रखने के लिए उन्हें निजी शौचालय तथा पानी तक पहुँच उपलब्ध करा रहा है। Girl Up के सहयोग से UNHCR यह सुनिश्चित कर रहा है कि शरणार्थी कैंपों में मनोरंजन सुविधाएं सृजित करके तथा कैंपों में खेल संबंधी उपकरण वितरित करके वहाँ रहने वाली लड़कियों को सक्रिय तथा स्वस्थ बने रहने का अवसर मिले। 

लाइबेरिया

लाइबेरिया विश्व के सबसे गरीब तथा सबसे कम विकसित देशों में से एक है, और 14-वर्ष लंबे गृह युद्ध ने महत्वपूर्ण अवसंरचना जैसे स्वास्थ्य-सेवा तंत्र को नष्ट कर दिया। हालाँकि यह देश पुनर्निर्मित हो रहा है, फिर भी किशोरों के लिए स्वास्थ्य सेवाएँ अभी भी कम हैं और इसका किशोरियों पर भयानक प्रभाव हुआ है। वर्ष 2008 में 15-19 के बीच की आयु की लड़कियों के लिए किशोर जन्म दर विश्व में दूसरे स्थान पर थी। Girl Up किशोरियों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार करने, और प्रजनन स्वास्थ्य, HIV की रोकथाम, मातृ मृत्यु दर, और मनोवैज्ञानिक सहयोग तथा परामर्श देने के लिए स्वास्थ्यकर्मियों तथा साथी-शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए UN और स्थानीय भागीदारों के साथ काम करता है। UN किशोर प्रजनन स्वास्थ्य के संबंध में एक राष्ट्रीय कार्यनीति विकसित करने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ भी काम कर रहा है और स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों को मानकीकृत कर रहा है।

भारत

विश्व में सर्वाधिक जनसंख्या वाले देशों में से एक देश के रूप में भारत ने अवसंरचना की कमी, विशेष रूप से इसके ग्रामीण क्षेत्रों में, के साथ संघर्ष किया है। कुछ चुनौतियाँ हैं – स्वच्छता की कमी, स्वास्थ्य सेवाओं और क्लिनिकों की कमी, और स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के बारे में जागरूकता की कमी, विशेष रूप से यौन तथा प्रजनन स्वास्थ्य के संबंध में।  विशेष रूप से किशोरियाँ अत्यधिक प्रभावित हुई हैं। क्योंकि लड़कियों के पास प्राय: मातृत्व स्वास्थ्य, यौवन, और कई महत्वपूर्ण मुद्दों से संबंधित जानकारी का अभाव होता है, इसलिए बहुत-सी किशोरियाँ जल्दी गर्भवती होने, यौन रोगों और मनोवैज्ञानिक तथा शारीरिक क्षति का सामना करती हैं। Girl Up भारत के सर्वाधिक जनसंख्या वाले क्षेत्रों में से एक राजस्थान में किशोरियों के लिए UNFPA की कार्रवाई संबंधी प्रयास का समर्थन करता है। इस प्रयास के तहत इस क्षेत्र में रहने वाली लड़कियों के लिए बेहतर स्वास्थ्य मानकों को प्रोत्साहित करने और 15-19 वर्ष के बीच की आयु की विवाहित किशोरियों को मातृत्व स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी देने के लिए काम किया जा रहा है।  इसका एक लक्ष्य लड़कियों को तब तक गर्भवती होने से रोकना है जब तक उनका शरीर इसके लिए तैयार न हो।