नेतृत्व

लड़कियों को हमेशा उनके जीवन को प्रभावित करने वाले निर्णयों में बोलने का मौका नहीं दिया जाता। लड़कियों को उनके समुदायों में सक्रिय होने, उनके अधिकारों के लिए आगे आने और अन्य लड़कियों के लिए आदर्श बनने का अधिकार है।

शोध दर्शाता है कि जैसे ही लड़कियां किशोरावस्था में प्रवेश करती हैं उन्हें प्रतिबंधों तथा सीमाओं का सामना करना पड़ता है जो उन्हें सुविधाओं से वंचित करता है – विशेष रूप से गरीब परिवारों की हाशिये पर वाली लड़कियों को। आंकड़े दर्शाते हैं कि कुछ मामलों में युवा कार्यक्रम में भाग लेने वाले 80-90% प्रतिभागी लड़के होते हैं।

विकासशील देशों में लड़कियों को जिन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है वे गरीबी के कारण और बढ़ जाती हैं। अपने अधिकारों के बारे में जानने और वे कैसे दुनिया में बदलाव ला सकती हैं, इसके बारे में जानने की बजाय बहुत-सी लड़कियों की आवाज दबा दी जाती है और उन्हें उनके जीवन को प्रभावित करने वाले महत्वपूर्ण निर्णयों में बोलने का अधिकार नहीं होता। विद्यालय जाने, दोस्त बनाने, और जीवन-कौशल प्राप्त करने की बजाय बहुत-सी लड़कियां अपना समय खाना बनाने, साफ-सफाई तथा अपने छोटे भाई-बहनों की देखभाल करने में बिताती हैं। जब लड़कियों को उनकी आवाज सुनने का अवसर दिया जाता है, तो वे उनके परिवार के जीवन, उनके समुदाय और दुनिया पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं।

संख्या के अनुसार

  • लड़कियां घर पर और अवैतनिक बाजार में काम करते हुए समान आयु के लड़कों की तुलना में प्रति दिन 33-85% अधिक समय बिताती हैं। यह स्थिति लड़कियों को ऐसे कौशल विकसित करने से रोकती है जो उन्हें आत्म-निर्भर बनने और उनके परिवारों को आर्थिक सहयोग देने में सक्षम बना सकते हैं। इन कौशल के बिना लड़कियां अपने अधिकारों के लिए और उनके देश के अंदर दूसरों के अधिकारों के लिए आगे नहीं आ पाती।
  • आंकड़े दर्शाते हैं कि महिलाएं और लड़कियां अपनी आय का 90% हिस्सा वापस अपने परिवारों तथा समुदायों में निवेश कर देती है जबकि पुरुष और लड़के केवल 30-40% निवेश करते हैं।

Girl Up और संयुक्त राष्ट्र

Girl Up किशोरियों को अनिवार्य आर्थिक तथा सामाजिक कौशल, परामर्शदाताओं का सहयोग और सामुदायिक जीवन में भाग लेने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा कर अग्रणी किशोरियों को प्रोत्साहन देने के लिए संयुक्त राष्ट्र के साथ काम करता है। Girl Up ऐसे UN कार्यक्रमों में सहयोग करता है जो लड़कियों को उनकी स्वयं की ओर से बोलने के लिए सशक्त बनाते हैं, लड़कियों को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करते हैं, और लड़कियों के जीवन को प्रभावित करने वाले मुद्दों की पहचान करने हेतु लड़कियों, उनके परिवारों और उनके समुदाय के साथ काम करते हैं। Girl Up ऐसे कार्यक्रमों में सहयोग करता है जो लड़कियों को मिलने, बात करने, खेलने तथा सीखने के लिए एक सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराते हैं। लड़कियों को नेतृत्व कौशल सिखाना और उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करना आर्थिक तथा सामाजिक परिवर्तन लाने के लिए एक बड़ा माध्यम है।

गुआटेमाला

Girl Up ग्वाटेमाला में प्रमाणित, प्रभावपूर्ण कार्यक्रमों का विस्तार करने के लिए UN और स्थानीय भागीदारों के साथ काम कर रहा है जिनमें ग्रामीण, स्थानीय लड़कियों को उनका आत्म-विश्वास बढ़ाकर और उन्हें नेतृत्व के अवसर उपलब्ध करा कर उन्हें सशक्त बनाने पर ज़ोर दिया जाना शामिल है। इन कार्यक्रमों में किशोरियों को उनके अधिकारों की जानकारी दी जाती है, उन्हें शिक्षा दी जाती है और उन्हें उनके जीवन को प्रभावित करने वाले मुद्दों के संबंध में बोलने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। Girl Up भागीदार स्थानीय महिलाओं और बड़ी उम्र की किशोरियों को कार्यक्रम में भाग लेने वाली कम उम्र की लड़कियों के लिए परामर्शदाता बनने हेतु प्रशिक्षित करके अग्रणी महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए काम कर रहे हैं। बड़ी उम्र की लड़कियों को उनके समुदायों में इंटर्नशिप और वित्तीय साक्षारता कक्षाएँ व्यावहारिक रोजगार अनुभव प्राप्त करने में सक्षम बनाती हैं।

मलावी

Girl Up मलावी में केवल लड़कियों के युवा क्लबों के माध्यम से किशोरियों के नेतृत्व कौशल तथा समर्थन जुटाने संबंधी कौशल को प्रोत्साहन देने के लिए UN द्वारा किए जाने वाले काम में सहयोग करता है। अन्य कार्यक्रमों में किशोरियों के लिए आय-सृजन क्रियाकलाप, आजीविका तथा व्यावसायिक कौशल प्रशिक्षण और परामर्शदाता बनने के अवसर शामिल हैं। क्लब लड़कियों को मिलने, सीखने तथा खेलने का स्थान उपलब्ध कराते हैं। नकली-संसद जैसे क्रियाकलाप लड़कियों को उनकी सरकारी तथा नागरिक भागीदारी के बारे में और यह सिखाने में सहायता करते हैं कि कैसे बाल विवाह जैसी प्रथाओं के विरुद्ध कानून उनके अधिकारों की रक्षा करने में सहायता कर सकते हैं। व्यावसायिक शिक्षा बड़ी उम्र की लड़कियों, जिन्हें विद्यालय छोड़ना पड़ता है – और इसलिए उनके पास रोजगार के कम अवसर होते हैं – को सिलाई, बढ़ईगीरी और सौंदर्य प्रसाधन जैसे कौशल सीखने का अवसर देती है। जब लड़कियां इस कार्यक्रम से स्नातक होती हैं तो उन्हें स्वयं की टूलकिट उपलब्ध कराई जाती है – जैसे सिलाई का काम करने की इच्छा रखने वालों को एक सिलाई मशीन और कैंची।

इथोपिया

इथियोपिया में शरणार्थी कैंपों में Girl Up एक UN कार्यक्रम में सहयोग कर रहा है जो लड़कियों को सक्रिय होने तथा नेतृत्व करने के विभिन्न अवसर उपलब्ध कराता है। लड़कियों के शैक्षणिक क्लबों और विद्यालय उपलब्धि पुरस्कारों जैसे कार्यक्रम शरणार्थी लड़कियों को कक्षा में अग्रणी बनने का अवसर देते हैं। Girl Up शरणार्थी कैंपों में मनोरंजन सुविधाएं सृजित करने और लड़कियों को खेल संबंधी उपकरण तथा यूनिफॉर्म उपलब्ध कराने के लिए UN के कार्य में सहयोग कर रहा है ताकि वे लड़कियां फील्ड में अग्रणी बन सकें। इस कार्यक्रम के तहत लड़कियों को व्यावसायिक विद्यालयों अथवा महाविद्यालय में जाने के लिए छात्रवृत्तियाँ भी दी जाती हैं।

लाइबेरिया

Girl Up लाइबेरिया में लड़कियों के फोरम के माध्यम से अग्रणी लड़कियों को प्रोत्साहित करने के लिए UN के कार्य में सहयोग करता है जहां बड़ी उम्र की किशोरियों को शांति-बनाने तथा नेतृत्व का प्रशिक्षण दिया जाता है। उसके बाद ये कौशल उनके समुदायों में कम उम्र की किशोरियों को अंतरित किए जाते हैं। इस कार्यक्रम में किशोरियों को आजीविका कौशल प्रशिक्षण तथा इंटर्नशिप के अवसर भी दिए जाते हैं। अग्रणी लड़कियों के लिए सर्वश्रेष्ठ आदर्शों में से एक लाइबेरिया में है – उनकी राष्ट्रपति। वर्ष 2005 में एलेन जॉनसन सरलीफ को लाइबेरिया का राष्ट्रपति चुना गया, जो अफ्रीका में किसी राज्य की प्रथम महिला प्रमुख बनीं। और वर्ष 2011 में एलेन जॉनसन सरलीफ को साथी लाइबेरियन लेमाह ग्वोबी, जिन्होंने महिलाओं को गृह युद्ध समाप्त करने के लिए लामबंद तथा संगठित किया और यह सुनिश्चित किया कि महिलाएं चुनाव में भाग ले सकें, के साथ शांति का नोबल पुरस्कार दिया गया।

भारत

विश्व के कई अन्य भागों की तरह भारत में किशोरियाँ समाज के सर्वाधिक कमजोर सदस्यों में से हैं।  लड़कों को लड़कियों से अधिक महत्व दिया जाता है क्योंकि लड़कों को परिवार का नाम मिलता है और वे कठोर परिश्रम से परिवार की सहायता कर पाते हैं, जो देश के ग्रामीण क्षेत्रों में आम है।   परिणामस्वरूप लड़कों को प्राय: विद्यालय जाने दिया जाता है और उन्हें समाज में बोलने का अधिकार मिलता है, जबकि लड़कियों का कम उम्र में विवाह कर दिया जाता है और उन्हें घरेलू काम करने के लिए घर में रखा जाता है।

भारत के सर्वाधिक जनसंख्या वाले राज्यों में से एक राजस्थान में किशोरियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इस क्षेत्र में Girl Up किशोरियों के लिए UNFPA की कार्रवाई संबंधी प्रयास में सहयोग करता है। यह कार्यक्रम लड़कियों को रोजगार कौशल प्रशिक्षण तथा आयु के अनुसार उचित रोजगार अवसर उपलब्ध करा कर नेतृत्व कौशल विकसित करने में सहयोग करता है।