सुरक्षा और हिंसा

यौन तथा लिंग-आधारित हिंसा सहित लड़कियों और महिलाओं के विरुद्ध हिंसा पूरे विश्व में देखी जाती है। प्रति दिन एक लड़की अथवा एक महिला हिंसा की शिकार होती है। लड़कियों के विरुद्ध हिंसा उनके जीवन में भिन्न-भिन्न अवसरों पर और विभिन्न तरीकों से हो सकती है। कुछ देशों में लड़कियों तथा महिलाओं के विरुद्ध हिंसा आम है। केवल विद्यालय आना-जाना और पानी लेने के लिए जाना लड़कियों को जोखिम में डाल सकता है।

तथ्य

  • 15-19 वर्ष की आयु की लड़कियों की मौत के मामले में 14% मौतें हिंसा के कारण होती हैं
  • स्वयं को नुकसान पहुंचाना भी एक गंभीर मुद्दा है – 15-19 वर्ष की आयु की लड़कियों के बीच आत्म-हत्या मृत्यु का #1 कारण है
  • हिंसा लड़कों और लड़कियों को अलग-अलग तरीके से प्रभावित करती है – अध्ययन दर्शाते हैं कि लड़कों में मानव हत्या तथा गैंग संबंधी हिंसा का जोखिम अधिक होता है जबकि लड़कियां विषमतापूर्वक यौन तथा लिंग-आधारित हिंसा (SGBV) से प्रभावित होती हैं
  • पूरे विश्व में एक-चौथाई लड़कियों (70 मिलियन) ने कहा कि वे 15 वर्ष की आयु तक शारीरिक हिंसा की शिकार हो गई थीं

Girl Up और संयुक्त राष्ट्र

Girl Up यह सुनिश्चित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र के साथ काम कर रहा है कि किशोरियाँ सुरक्षित तथा हिंसा से बची रहें। UN कार्यक्रम जिनमें Girl Up द्वारा सहयोग किया जाता है वे सभी प्रकार की लिंग-आधारित हिंसा, उत्पीड़न, अत्याचार को रोकने तथा लड़कियों को इससे बचाने के लिए और यह सुनिश्चित करने के लिए काम करते हैं कि जिन लड़कियों को हिंसा का सामना करना पड़ता है उन्हें तुरंत सुरक्षा, सेवाएँ तथा न्याय तक पहुँच प्राप्त हो।

एक समाधान है लड़कियों को जल तथा शौचालय तक अधिक पहुँच उपलब्ध कराना ताकि लड़कियों को उनके घर से दूर न जाना पड़े। एक लड़की को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने से उसे अन्य लड़कियों और परामर्शदाताओं के साथ होने का अवसर मिलता है और हिंसा का शिकार होने की उसकी चिंता कम होती है।

गुआटेमाला

ग्वाटेमाला तीन दशक की हिंसा के बाद प्रगति करने के लिए काम कर रहा है परंतु इस देश को अभी भी व्यापक गरीबी का सामना करना पड़ रहा है जो लड़कियों तथा महिलाओं को प्रभावित करती है। ग्वाटेमाला में किशोरियों, विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली स्थानीय लड़कियों को अत्यधिक हिंसा का सामना करना पड़ता है। महिलाओं के विरुद्ध रिपोर्ट किए जाने वाले सभी मामलों में से लगभग आधे मामले 13 से 27 वर्ष के बीच की आयु की लड़कियों तथा युवा महिलाओं के विरुद्ध होते हैं, और ग्वाटेमाला में प्रति दिन लगभग दो लड़कियों तथा महिलाओं की हत्या कर दी जाती है। Girl Up उन UN कार्यक्रमों में सहयोग कर रहा है जो किशोरियों की सुरक्षा के लिए जिम्मेदार सरकारी संस्थाओं को साथ लाते हैं और कार्यक्रम जो समुदायों में लिंग-आधारित हिंसा के बारे में जागरूकता फैलाते हैं और समुदाय के नेताओं को बताते हैं कि हिंसा होने पर कैसे प्रतिक्रिया करें। इसके अतिरिक्त Girl Up उन शैक्षणिक संस्थाओं को सहयोग करता है जो किशोरियों को उनके अधिकारों की जानकारी देती हैं, लड़कियों को क्लब उपलब्ध कराती हैं जहां उन्हें परामर्शदाताओं से मिलने के लिए एक सुरक्षित, सार्वजनिक स्थान मिल सके और वे कौशल-विकास क्रियाकलापों में भाग ले सकें।

मलावी

मलावी में Girl Up बाल विवाह के विरुद्ध एक अभियान में सहयोग करके, जो लड़कियों, लड़कों तथा परिवारों को बाल विवाह की प्रथा को समाप्त करने के लिए शिक्षित तथा प्रेरित करेगा, किशोरियों को यौन तथा लिंग-आधारित हिंसा से बचा के रखने के लिए UN भागीदारों के साथ काम कर रहा है। Girl Up लड़कियों को उनके जीवन को प्रभावित करने वाले निर्णयों के संबंध में अपने लिए बोलने के लिए उन्हें सशक्त बनाने में भी सहायता करता है। Girl Up लिंग-आधारित हिंसा को ना कहें अभियान शुरू किए जाने का समर्थन करता है जो किशोरियों को लड़कियों के अधिकारों और लिंग-आधारित हिंसा के नुकसान के बारे में बताएगा। इसके अतिरिक्त Girl Up के सहयोग से UN केस प्रबंधन योजनाएँ तथा सेवा आपूर्ति संरचनाएँ स्थापित करने के लिए काम कर रहा है जैसे जिन लड़कियों ने हिंसा का सामना किया है उन्हें सहयोग करने के लिए विद्यालय-आधारित बाल सुरक्षा समितियां।

इथोपिया

Girl Up मानवीय संकट के कारण विस्थापित हुई इथियोपिया में रहने वाली सोमाली शरणार्थी लड़कियों के सामने आने वाली कुछ चुनौतियों का समाधान करने के लिए UNHCR के काम में सहयोग करता है। इस कार्यक्रम में लड़कियों को शाम को पढ़ने के लिए सौर लैंप उपलब्ध कराए जाते हैं। यह लड़कियों के लिए हिंसा के जोखिम को कम करने का एक पर्यावरण-अनुकूल तरीका है जिसका अन्यथा लड़कियों को सामना करना पड़ता यदि उन्हें उनके परिवार की ऊर्जा आवश्यकताओं के लिए लकड़ियाँ एकत्रित करनी होती। इस कार्यक्रम में शरणार्थी कैंपों में कक्षा में लैंगिक मुद्दों के संबंध में अध्यापकों की समझ में सुधार करने, विद्यालयों में उत्पीड़न-विरोधी तथा धमकाने के विरुद्ध नीतियाँ बनाने और लड़कियों को एक सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए विद्यालयों तथा अध्यापकों के साथ काम किया जाता है।

लाइबेरिया

क्योंकि लाइबेरिया ने गृह युद्ध का सामना किया, इसलिए लड़कियों और महिलाओं के व्यापक यौन तथा लिंग-आधारित हिंसा के शिकार होने की अधिक संभावना है। Girl Up यौन अथवा लिंग-आधारित हिंसा से प्रभावित लड़कियों के लिए सामुदायिक युवा केन्द्रों में मनोवैज्ञानिक-सामाजिक सहयोग करके लड़कियों के विरुद्ध हानिकारक पारंपरिक प्रथाओं तथा हिंसा को कम करने के लिए UN के प्रयासों में सहयोग करता है। इसके तहत निधि से लड़कियों की शिक्षा, स्वास्थ्य तथा सांस्कृतिक प्रथाओं के संबंध में सामुदायिक बातचीत स्थापित करने में भी सहायता मिलती है।

भारत

भारत में लड़कियों और महिलाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक हिंसा है, सार्वजनिक रूप से और घर के अंदर।  Girl Up भारत के सर्वाधिक जनसंख्या वाले क्षेत्रों में से एक राजस्थान में किशोरियों के लिए UNFPA की कार्रवाई (AAG) संबंधी प्रयास में सहयोग करता है जो लिंग-आधारित हिंसा के मुद्दे का समाधान करता है। रिपोर्टें दर्शाती हैं कि राजस्थान में 49% महिलाओं ने किसी न किसी प्रकार की यौन अथवा शारीरिक हिंसा का सामना किया है और बलात्कार की पाँच में से एक उत्तरजीवी की आयु 18 वर्ष से कम है।  AAG प्रयास के तहत किशोरियों की सुरक्षा को बढ़ावा देने और उन्हें उनके मूलभूत मानवाधिकारों के बारे में जानकारी दिए जाने को प्रोत्साहन देने हेतु उनके लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने के लिए स्थानीय संगठनों के साथ भागीदारियाँ की जा रही हैं।